ब्रह्म मुहूर्त में सुबह ४ से ६ बजे के बीच या सूर्यास्त के समय। आज कल जैसी समाजिक विषम व्यवस्थयाएँ बन गई हैं उससे पराये घर में लड़की भेजने में सौ सौ आशंकाएं मन में व्याप्त होती हैं अवगड़ का चेला, फिरूँ अकेला, कभी न शीश नवाऊंगा प्रबल शत्रु https://griffingdxpi.blogadvize.com/39588728/most-powerful-sarv-karya-sidh-shabar-mantra-karya-siddhi-shabar-mantra-most-powerful-shabar-mantra-no-further-a-mystery